अब आपकी
जुड़ाव कहाँ है?
उद्यमी, मार्गदर्शक, विशेषज्ञ, पेशेवर या स्वयंसेवक के रूप में AUS के इस विचार से जुड़ें।
आप किस भूमिका में
जुड़ना चाहते हैं?
नीचे दिए गए विकल्पों में से अपनी भूमिका चुनें। आपका चयन सीधे पंजीकरण फॉर्म से जुड़ जाएगा।
उद्यमी
नया उद्योग शुरू करने की तीव्र इच्छा है या पहले से व्यवसाय कर रहे हैं और उसे और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं।
मार्गदर्शक
सेवानिवृत्त या सेवारत IAS, IPS, IRS, MPSC अधिकारी या वरिष्ठ उद्योगपति जो अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन करना चाहते हैं।
विशेषज्ञ
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कर सलाहकार, कानूनी विशेषज्ञ, बैंक अधिकारी या तकनीकी सलाहकार के रूप में सहयोग करना चाहते हैं।
पेशेवर
कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत हैं और व्यवसाय प्रबंधन, उत्पादन, बिक्री या तकनीकी कौशल में सहायता प्रदान करना चाहते हैं।
स्वयंसेवक
जिला और तालुका स्तर पर युवाओं को संगठित करने और AUS के आर्थिक आंदोलन को फैलाने के लिए उत्सुक हैं।
अन्य
संस्थागत सहयोग, अनुसंधान, पत्रकारिता या सामान्य पूछताछ के लिए AUS के केंद्रीय कार्यालय से संपर्क करना चाहते हैं।
उद्यमी के रूप में
AUS से जुड़ें।
निम्नलिखित जानकारी भेजें। AUS टीम आपके दर्ज किए गए हित के अनुसार आगे संपर्क कर सकती है।
धन्यवाद।
आपका जुड़ाव AUS तक पहुँच गया है।
AUS टीम आपकी रुचि और भूमिका के अनुसार जल्द ही आपसे संपर्क करेगी। महाराष्ट्र के आर्थिक आत्मनिर्भरता की इस यात्रा में आपका स्वागत है।
लाइव कनेक्शन प्रगति
आगे क्या होता है?
सरल ३ चरण।
पंजीकरण के बाद की प्रक्रिया अत्यधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित है।
जानकारी प्राप्त होती है।
आपके द्वारा भेजा गया आवेदन AUS के केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित रूप से दर्ज किया जाता है।
AUS टीम सत्यापन करती है।
आपकी भूमिका (उदा. उद्यमी, मार्गदर्शक, विशेषज्ञ) के आधार पर, आवेदन संबंधित जिला समन्वयक को भेजा जाता है।
आवश्यकतानुसार सीधा संपर्क।
मार्गदर्शन सत्रों, सरकारी योजनाओं को जोड़ने या जिला बैठकों के लिए आपसे सीधे संपर्क किया जाएगा।
सीधे संपर्क करना चाहते हैं?
आप ईमेल, आधिकारिक हेल्पलाइन या सीधे WhatsApp के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
WhatsApp हेल्प डेस्क
त्वरित जानकारी और प्राथमिक पूछताछ के लिए सीधा संदेश भेजें।
केंद्रीय सचिवालय
आंबेडकराइट उद्योग संघटन (AUS), महाराष्ट्र राज्य केंद्रीय समन्वय कक्ष।
हर बड़े बदलाव की शुरुआत एक जुड़ाव से होती है।
आइए, उद्योग बनाएँ।
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।